कश्मीर घाटी के सिख समाज को आर्थिक और राजनीतिक स्तर पर मज़बूती देना राष्ट्रहित में अति आवयश्यक है – एडवोकेट नीतू बाली
श्रीनगर: कश्मीरी सिख समाज और महिलाओं के सशक्तिकरण को लेकर सामाजिक उद्यमी और लेखिका एडवोकेट नीतू कौर बाली ने एक महत्वपूर्ण संबोधन दिया।
इस आयोजन में लेफ्टिनेंट जनरल आरएस रीन, गेस्ट ऑफ ऑनर हरविंदर कौर सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का आयोजन कश्मीरी सिख संगत द्वारा जम्मू और कश्मीर कला, संस्कृति और भाषा अकादमी के सहयोग से किया गया था।
कश्मीरी सिख समाज की चुनौतियाँ और समाधान
महिलाओं की भूमिका और सुधार के लिए आवश्यक कदम
नीतू बाली ने कहा कि “जब बेटियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और आर्थिक अवसर मिलते हैं, तो वे परिवर्तन की वाहक बनती हैं।” उन्होंने उदाहरण दिए कि कैसे अमूल और लिज्जत पापड़ जैसी संस्थाओं ने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया। उन्होंने आगे कहा कि हमारी इतिहास की महान विभूतियाँ जैसे माता साहिब कौर जी, माता खीवी जी, बीबी भानी जी, बीबी अमरो जी भी सशक्त नारीत्व का प्रतीक थीं और उन्होंने समाज को दिशा देने का कार्य किया।
कश्मीरी सिखों के अधिकारों की माँग
एडवोकेट नीतू कौर बाली ने कहा कि अब समय आ गया है कि गैर-प्रवासी कश्मीरी सिखों को भी SRO-412 के तहत शामिल किया जाए ताकि उन्हें भी विशेष रोजगार पैकेज मिल सके। उन्होंने जम्मू-कश्मीर में अल्पसंख्यक आयोग की स्थापना की भी माँग की, जिससे सिख समाज को उनके हक के लाभ मिल सकें।
“सशक्त महिलाएँ, सशक्त समाज”
उन्होंने सभी से एकजुट होकर महिलाओं और पूरे सिख समाज के उत्थान के लिए काम करने की अपील की।
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