भारत की सुरक्षा के लिए शहीद हुए कश्मीरी मुस्लिम परिवारों को किया सम्मानित
इसे देश का दुर्भाग्य कहिए या बदनसीबी कि जिस कश्मीरी ने सेना, अर्धसैनिक बल और पुलिस में भर्ती होकर देश की सेवा भी की और इसकी सुरक्षा के लिए अपने प्राण भी न्योछावर कर दिए, उसके बारे में कश्मीर से बाहर के अन्य राज्यों के लोगों को जानकारी तक भी नहीं रही।
1 जून को जिला कुपवाड़ा के शहर हंदवाड़ा में एक ऐतिहासिक कार्यक्रम किया गया और इन्हीं शहीद परिवारों की महिलाओं को सम्मानित भी किया गया और उन शहीदों की याद में शहीद स्मारक बनाने हेतु सरकार से निवेदन भी किया गया।

यह आयोजन पंजाब की एक संस्था ‘खाकी एसोसिएशन‘ द्वारा किया गया, इस कार्यक्रम में कुल 53 शहीद परिवारों की महिलाओं को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में जिला अधीक्षक श्रीकांत बालासाहेब, सेशन जज ज़ीशान ख़ान, प्रसिद्ध पत्रकार फ़िदा फ़िरदौस और समाज के अन्य प्रमुख लोग भी रहे। कार्यक्रम का मुख्य संचालन और आयोजन खाकी एसोसिएशन संस्था की अध्यक्षा श्रीमती अन्नू पसरीचा जी ने किया, कार्यक्रम में उपस्थित सभी परिवारों ने उनके इस प्रयास की सराहना की। इस तरह का यह पहला कार्यक्रम था जिसमें कश्मीर के लोगों की शहादतों को याद भी किया गया और उनके परिवारों को सम्मानित भी किया गया।
कार्यक्रम का दृश्य बहुत ही भावपूर्ण बन गया जब शहीद परिवारों की महिलाओं की आंखों में अश्रु आ गए।

श्रीमती अन्नू जी ने कार्यक्रम में बताया कि झेलम घाटी के लोगों की इन कुर्बानियों को कन्याकुमारी तक लोगों के पास लेकर उनकी संस्था जाएगी, जिससे कि लोगों को कश्मीर का यह पहलू ध्यान में भी आए और सभी राज्यों के लोग इसका सम्मान भी करें।

अन्नू जी ने बताया कि कार्यक्रम को “वीर नारी सम्मान” का नाम दिया गया और इसका स्लोगन बहुत ही प्रेरक है- “भारत की झेलम और झेलम का भारत”। इस सुंदर और प्रेरक भाव के साथ इस कार्यक्रम ने देश के बुद्धिजीवियों और नीति-निर्धारकों को घाटी के इस पहलू पर अध्ययन करने के लिए विवश कर दिया है और साथ ही साथ कश्मीर की नई पीढ़ी को उनके आदर्श नायक भी बता दिए हैं, जिन पर प्रत्येक कश्मीरी को नाज़ है। वे इसी रास्ते पर आगे भी चल रहे हैं और पूरा भारत इन परिवारों को और विशेष रूप से उन माताओं को सलाम करता है जो ऐसे देशभक्त तैयार कर रही हैं।
Read in English: Kashmiri Muslim Families of Martyrs Honored for Securing India
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