भाई लखी शाह वंजारा: सच्चे गुरसिख, दूरदृष्टा व्यापारी और साझा संस्कृति के सेतु

 भाई लखी शाह वंजारा सत्रवी 17 वीं शताब्दी के समय सिल्क और स्पाइस रूट के सबसे बड़े और सफल लोजेस्टिक इम्पायर के मालिक थे ✍️लेखक: सुनील दत्त, पूर्व डायरेक्टर, पंजाबी साहित्य अकादमी भाई लखी शाह वंजारा जिन्हें धन धन श्री गुरू तेग बहादुर जी के पार्थिव शरीर को दुश्मनों से छीनकर पूरे सम्मान के साथ … Read more

भीड़ से दूर, सुकून के करीब: पुराने गीतों के साथ कश्मीर में नया साल

✍️Lieutenant. Preeti Mohan नये साल के स्वागत को लेकर कश्मीर घाटी में बीते कुछ वर्षों से एक ख़ास सांस्कृतिक रंग देखने को मिल रहा है। घाटी के अधिकतर रेस्टोरेंट और कैफ़े अब लाइव म्यूजिक और न्यू ईयर पार्टीज़ का आयोजन करने लगे हैं, जो पहले के मुकाबले एक नया और खुला माहौल दर्शाता है। इन … Read more

The Namghar tradition of Srimanta Sankardev of Assam became a symbol of Hindu-Muslim brotherhood.

✍️Author: Sunil Dutt, Former Director, Punjabi Sahitya Academy, Haryana In the 15th century, Assam was struggling with superstition, caste discrimination, and religious divisions. During this period, a visionary saint guided society towards love and equality — he was Srimanta Sankardeva. Sankardeva stands among India’s greatest saints, poets, and reformers who transformed religion into a synonym … Read more

असम के श्रीमान्त शंकरदेव की नामघर परम्परा बनी हिन्दू मुस्लिम भाईचारे का प्रतीक

✍️लेखक: सुनील दत्त, पूर्व डायरेक्टर, पंजाबी साहित्य अकादमी, हरियाणा 15वीं शताब्दी का असम अंधविश्वास, जातिवाद और धार्मिक अलगाव से जूझ रहा था। ऐसे समय में एक साधक ने समाज को प्रेम और समानता की दिशा दिखाई — वही थे श्रीमान्त शंकरदेव। श्रीमान्त शंकरदेव जी भारतीय इतिहास के उन महान संत, कवि-सुधारक और धर्मद्रष्टाओं में से … Read more

The Kabali Raid of 1947: A Forgotten Chapter of Sikh Suffering and Sacrifices for Country

✍️ Er Sandeep Singh Srinagar  The partition of British India in 1947 and the hurried accession of the princely state of Jammu & Kashmir plunged the region into a complex and violent struggle. Among the most dramatic events of that era was the tribal invasion often referred to as the “Kabali Raid”  in late October 1947. … Read more

The Pure Flavour of Hunza: Exploring the Food Culture of Hunza Community of Kashmir

✍️ Lieutenant. Preeti Mohan Nestled high in the Karakoram range, the Hunza Valley is known just as much for its awe-inspiring landscapes as for its people’s simple, organic way of living. Central to this lifestyle is a food culture that intuitively combines nutrition, heritage, and sustainability. In the farms and backyards of Hunza, food is … Read more

कराची के मंच पर गूंजी रामायण की गाथा: पंजाबी और सिंधी मुस्लिम कलाकारों ने रचा इतिहास

कराची के थिएटर मंच पर बीते वीकेंड एक ऐसा दृश्य सामने आया, जिसकी कल्पना शायद भारत और पाकिस्तान दोनों में ही बहुत कम लोगों ने की होगी। पाकिस्तान के पंजाबी और सिंधी मुस्लिम समुदाय से जुड़े कलाकारों ने मिलकर कराची आर्ट्स काउंसिल में “श्रीरामलीला” का भव्य और मर्यादित मंचन किया। थिएटर ग्रुप ‘मौज’ द्वारा प्रस्तुत इस नाटक ने न … Read more

कराची के मंच पर गूंजी रामायण की गाथा: पंजाबी और सिंधी मुस्लिम कलाकारों ने रचा इतिहास

कराची के थिएटर मंच पर बीते वीकेंड एक ऐसा दृश्य सामने आया, जिसकी कल्पना शायद भारत और पाकिस्तान दोनों में ही बहुत कम लोगों ने की होगी। पाकिस्तान के पंजाबी और सिंधी मुस्लिम समुदाय से जुड़े कलाकारों ने मिलकर कराची आर्ट्स काउंसिल में “श्रीरामलीला” का भव्य और मर्यादित मंचन किया। थिएटर ग्रुप ‘मौज’ द्वारा प्रस्तुत इस नाटक ने न … Read more

मीरी-पीरी दिवस: जब श्री गुरु हरगोबिंद साहिब जी के विचारों से प्रभावित हुए छत्रपति शिवाजी के गुरु समर्थ रामदास

Source: Wikipedia लेखक: सुनील दत्त, पूर्व डायरेक्टर, पंजाबी साहित्य अकादमी 5 जुलाई, सिख इतिहास का वह दिव्य दिवस है जब श्री गुरु हरगोबिंद साहिब जी ने “मीरी” और “पीरी” — सांसारिक सत्ता और आध्यात्मिक शक्ति — के अद्भुत संतुलन की स्थापना की। यह दिन सिर्फ एक धार्मिक घोषणा नहीं, बल्कि सत्ता के अन्याय के विरुद्ध … Read more

Sir Ganga Ram: आधुनिक लाहौर के निर्माता और महान दानवीर की अनकही कहानी

सर गंगाराम सिर्फ एक इंजीनियर नहीं थे — वे लाहौर के निर्माता, समाजसेवी और मानवता के सच्चे सेवक थे। उनके बिना लाहौर की कल्पना अधूरी है। लेखक: सुनील दत्त, पूर्व डायरेक्टर पंजाबी साहित्य अकादमी  कौन थे सर गंगाराम? सर गंगाराम न केवल ब्रिटिश भारत के एक महान सिविल इंजीनियर थे, बल्कि एक क्रांतिकारी समाजसेवी और दूरदर्शी योजनाकार … Read more