माता वैष्णों देवी के दरवार के पास से मिला अनमोल खज़ाना! दुनियाँ को पछाड़ देगा भारत..
✍️ Lieutenant. Preeti Mohan
जम्मू-कश्मीर में माता वैष्णो देवी से थोड़ी दूर पर मौजूद रियासी जिले में अरबों का खजाना मिला है। दरअसल, भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण ने कहा कि उन्हें पहली बार जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले सलाल हेमना गांव में 59 लाख टन का लिथियम इनफर्ड रिसोर्सेज (जी3) का भंडार मिला है। बता दें कि जहां 59 लाख टन का लिथियम मिला है वह गांव माता वैष्णो देवी से थोड़ी दूर पर ही मौजूद है ऐसे में सूत्रों का मानना है कि अरबों के मिले इस खनिज भंडार से भारत के बिजनेस में एक बड़ा बदलाव आने वाला है। जम्मू-कश्मीर के खनन सचिव अमित शर्मा ने बताया, ‘लिथियम दुर्लभ संसाधनों की श्रेणी में आता है और पहले यह भारत में नहीं मिलता था, जिसकी वजह से हम इसके शत-प्रतिशत आयात पर निर्भर थे. जीएसआई द्वारा किए गए जी-3 (एडवांस) अध्ययन में पता चला है कि माता वैष्णो देवी तीर्थ की तलहटी में बसे सलाल गांव (रियासी जिले) में मौजूद लिथियम भंडार उच्च गुणवत्ता का है.’
शर्मा ने बताया कि सामान्य श्रेणी में लिथियम का ‘ग्रेड’ 220 पार्ट्स पर मिलियन (पीपीएम) का होता है, जबकि जम्मू-कश्मीर में मिले भंडार का लिथियम 550 पीपीएम से अधिक ग्रेड का है. इस साथ ही उन्होंने बताया कि यह भंडार करीब 59 लाख टन है, जो लिथियम की उपलब्धता के मामले में चीन को पीछे छोड़ देगा.
लिथियम का भंडार बदलेगा भारत की किस्मत
जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया के अनुसार, जम्मू के रियासी जिले के सलाल हेमना गांव के 15 किलोमीटर के दायरे में करीब 59 लाख टन लिथियम संसाधन मिला है। बता दें कि यह लिथियम भारत सरकार द्वारा बनाए जा रहे इलेक्ट्रिक वाहनों में यूज की जाने वाली बैटरी के बेहद महत्वपुर्ण है। दरअसल,भारत सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहनों में लिथियम बैटरी का उपयोग किया है, जिसके लिए लिथियम बाहर से मंगाना पड़ता है वहीं अब भारत में ही लिथियम का भंडार मिलने के बाद अब इसे नीलामी के लिए ले जाया जाएगा।
सोने की धरती पर रह रहे है रियासी के लोग
इतना ही नहीं लिथियम का भंडार मिलने के बाद से रियासी के लोग एक तरह सोने की धरती पर रह रहे है। दरअसल, रियासी जिले के 15 किलोमीटर के दायरे में न केवल लिथियम मिला है बल्कि भारी मात्रा में गोल्ड रिजर्व भी मिला है। जिससे एक्सपर्ट का मानना है कि यह भारत की किस्मत को बदलने में एक गोल्डन मूवमेंट है।
क्या होता है लिथियम?
लिथियम एक ग्रीक शब्द है जो ‘लिथोस’ शब्द से आया है। इसका मतलब ‘पत्थर’ होता है। यह अलौह धातु है। इसका इस्तेमाल मोबाइल-लैपटॉप, गाड़ियों समेत सभी तरह की चार्जेबल बैटरी बनाने में किया जाता है। बता दें कि भारत से पहले यह ऑस्ट्रेलिया, चिली और अर्जेंटिना जैसे देशों में बड़ी मात्रा में पाया जाता है।
वहीं इस खोज को लेकर ग्रामीण भी बहुत उत्साहित हैं. सलाल गांव के उप सरपंच राजेंद्र सिंह ने कहा, ‘यह हम सभी के लिए गौरवान्वित करने वाला क्षण है. रेल परियोजना और माता वैष्णो देवी तीर्थ स्थानीय लोगों के लिए रोजगार का सबसे बड़ा साधन है, लेकिन अब यह (लिथियम) परियोजना परिवर्तनकारी साबित होगी.’