हरित चेतना की विरासत और आज की आवश्यकता, श्री गुरु हर राय जी की दृष्टि से पर्यावरणीय पुनर्जागरण
✍️लेखक: सुनील दत्त, पूर्व डायरेक्टर, पंजाबी साहित्य अकादमी जब विश्व जलवायु परिवर्तन, जैव-विविधता के ह्रास और जल-संकट जैसी गंभीर चुनौतियों का सामना कर रहा है, तब केवल वैज्ञानिक या तकनीकी समाधान पर्याप्त नहीं हैं। हमें एक नैतिक और आध्यात्मिक दृष्टि की भी आवश्यकता है, जो मनुष्य और प्रकृति के संबंध को पुनर्स्थापित कर सके। सिख … Read more