श्री गुरु अर्जन देव जी की शहादत — वह ज्योति जो बुझाई न जा सकी
वाहेगुरु जी की कृपा से | तेरा कीया मीठा लागे लेखक: सरदार संदीप सिंह जी (श्रीनगर) सत्रहवीं सदी का भारत — एक चौराहे पर खड़ा देश गुरु अर्जन देव जी की शहादत को समझने के लिए पहले उस भारत को समझना होगा जिसमें वे जीते थे। सम्राट अकबर के शासन में मुगल साम्राज्य अपेक्षाकृत सहिष्णु … Read more