लल दद्द – कश्मीर की साझी विरासत और इंटरफेथ की जीवंत मिसाल
14वीं शताब्दी की महान संत-कवयित्री लल दद्द (लल्लेश्वरी / ललारिफा), जिन्हें ‘कश्मीर की मीरा’ भी कहा जाता है, का जीवन
14वीं शताब्दी की महान संत-कवयित्री लल दद्द (लल्लेश्वरी / ललारिफा), जिन्हें ‘कश्मीर की मीरा’ भी कहा जाता है, का जीवन
The land of Kashmir has historically been a beacon of love, tolerance, and spirituality. The greatest icon of this composite
उत्तर कश्मीर का वह पर्यटन-पथ जो कुपवाड़ा और बांदीपोरा ज़िलों को जोड़ता है, केवल “एक और कश्मीर” नहीं है; यह दरअसल कश्मीर की बहु-स्तरीय सांस्कृतिक आत्मा का खुला भूगोल है। कुपवाड़ा अपनी सीमा-वर्ती घाटियों, घने वनों, लोलाब और बंगुस जैसे विशाल, अभी भी अपेक्षाकृत कम-व्यावसायीकृत परिदृश्यों, अखरोट-बागानों और पहाड़ी-पट्टी की लोक-संस्कृति के कारण अलग पहचान … Read more
भारतीय सभ्यता में कुछ भूभाग केवल भौगोलिक क्षेत्र नहीं माने गए, बल्कि उन्हें दिव्य चेतना के जीवंत केंद्र के रूप में प्रतिष्ठित किया गया। काशी को शिव की नगरी, कामाख्या को शक्ति का महापीठ, पुरी को जगन्नाथ का क्षेत्र और कश्मीर को ऋषियों, योगियों तथा तांत्रिक आचार्यों की तपोभूमि माना गया। कश्मीर का आध्यात्मिक इतिहास … Read more
On the evening of 10 May 1857, the struggle launched by Indian Muslim soldiers in Meerut was not just a military uprising, but the beginning of India’s First War of Independence. The most important and emotional part of this great revolution was the 85 soldiers who challenged the British Empire to protect their religious faith … Read more
10 मई, 1857 की शाम को मेरठ में भारतीय मुस्लिम सैनिकों द्वारा शुरू किया गया संघर्ष केवल एक सैन्य संघर्ष नहीं था, बल्कि यह भारत के ‘प्रथम स्वतंत्रता संग्राम’ की नींव थी। इस महान क्रांति का सबसे महत्वपूर्ण और भावनात्मक केंद्र वे 85 सैनिक थे, जिन्होंने अपनी धार्मिक आस्था और राष्ट्रीय स्वाभिमान की रक्षा के … Read more