मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा देगा अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान का गोवा सेंटर : प्रधानमंत्री मोदी
विश्व आयुर्वेद कांग्रेस के समापन सत्र में प्रधानमंत्री ने किया गोवा सेंटर का शुभारंभ
नई पीढ़ी के सुरक्षित हाथों में है आयुर्वेद : प्रो. नेसरी
गोवा, 11 दिसंबर। प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार दिसंबर ११ को गोवा की परनेम तालुका के धारगल गाँव में स्थित अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान के सॅटॅलाइट सेंटर का उद्घाटन आज वर्ल्ड आयुर्वेदा कांग्रेस के समापन सत्र में किया।
प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने अपने भाषण में कहा कि आल इंडिया इन्सिटटे ऑफ़ आयुर्वेदा कि गोवा शाखा मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा देने के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
अपने भाषण में प्रधान मंत्री ने कहा ,” भारतदेश सर्वे भवन्तु सुखिना:, सर्वे सन्तु निरामया: यानी हर तरफ सुख और शांति और रोग मुक्ति कि धारणा में विश्वास करने वाला देश है। आयुषसबके लिए अपार सम्भावनाओ का क्षेत्र है और यहाँ सबके लिए अवसर है। गोवा जो कि एक इंटरनेशनल टूरिज्म हब है, भारत का मेडिकल टूरिज्म हब बनने कि अपार संभावनाएं रखता है।“
प्रधान मंत्री मोदी ने अपने भाषण में आगे कहा कि भारत की पारम्परिक चिकित्सा प्रणाली का विश्व भर में संचार करने के लिए आयुर्वेद एक सशक्त माध्यम है। प्रधान मंत्री ने कि रिसर्च की मदद से आयुष के असरदार परिणामों को प्रमाणित करने कि ज़रुरत पर बल देते हुए कहा कि यह रिसर्च भारत की प्राचीन पारम्परिक चिकत्सा प्रणाली को पूरे विश्व में एक मिसाल बनाने का काम करेंगे।
केंद्रीय आयुष मंत्री श्री सर्बानंदा सोनोवाल इस अवसर पर ख़ुशी ज़ाहिर करते हुए कहा ,” अखिल भरतीय आयुर्वेद संसथान ने कोरोना काल में १००% रिकवरी रेट दे कर एक इतिहास रच दिया है। संस्थान ने कई देशों के साथ वैश्विक स्तर के समझौते भी किये है (MoUs ) भी किये है जिससे आर्युवेद का प्रचार और प्रसार अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर हो। आने वाले समय में भारत पारम्परिक चिकित्सा के क्षेत्र में एक केंद्रीय भूमिका निभाएगा। गोवा में अखिल भारतीय आयुर्वेद संसथान के लोकार्पण के बाद यहाँ पर कई टूरिस्ट समग्र स्वस्थ सेवाओं का लाभ लेने के लिए आएंगे।“
आयुर्वेद की प्रमाणिकता के लिए शोध और डाटा पर ज़ोर
आल इंडिया इंस्टिट्यूट ऑफ़ आयुर्वेदा की डायरेक्टर (डॉ) प्रोफेसर तनुजा मनोज नेसरी ने उद्घाटन समारोह में में अपने उद्बोधन में विश्वासव्यक्त किया कि गोवा का सॅटॅलाइट सेंटर राज्य में मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा देने की तरफ एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
“हम माननीय प्रधान मंत्री जी को यह विश्वास दिलाना चाहेंगे की आयुर्वेद नयी पीढ़ी के सुरक्षित हाथों में है और न सिर्फ प्रैक्टिस–बेस्ड एविडेंस पर आधारित है, बल्कि एविडेंस बेस्ड प्रैक्टिस पर भी सतत कार्य कर रहा है।“
प्रोफेसर नेसरी ने आयुर्वेद को कॉमिक बुक्स के माध्यम से आयुर्वेद को बढ़ावा देने की पहल की भी तारीफ की।
उद्घाटन समारोह में वर्ल्ड आयुर्वेदा कांग्रेस के पटल से केंद्रीय आयुष मंत्री श्री सर्बानंदा सोनोवाल, केंद्रीय पर्यटन मंत्री श्री श्रीपद यशो नायक , राज्य मंत्री डॉ मुंजापारा महेंद्रभाई और गोवा के मुख्यमंत्री श्री प्रमोद सावंत भी शामिल थे।
2017 से 2022 तक अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान नई दिल्ली की उपलब्धियां
- अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान, नई दिल्ली पहले ही टर्सरी केयर सेंटर के तौर पर अपनी पहचान पुख्ता कर चुका है. इस संस्थान ने पिछले पांच वर्षों में 15 लाख से अधिक रोगियों को स्वास्थ्यलाभ पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
- इस संस्थान में पंचकर्म, आहार, जीवन शैली, योग, आयुर्वेद और डायग्नोस्टिक तकनीक सहित 36 विशेष क्षेत्रों में उपचार प्रदान किया जाता है जिसमें आईसीयू सहित अति–आधुनिक नैदानिक तकनीक का इस्तेमाल होता है।
- पिछले पांच वर्षों में, संस्थान ने 350 छात्रों को एमडी और 85 पीएचडी स्कॉलर्स को 12 स्पेश्य्लाइज्ड कोर्सेस में नामांकित किया है।
- संस्थान ने नवीनतम तकनीकों के साथ पारंपरिक दवाओं के सहयोग को बढ़ावा देने के लिए लंदन इंस्टीट्यूट ऑफ हाइजीन (लंदन), वेस्टर्न सिडनी यूनिवर्सिटी (ऑस्ट्रेलिया) और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एडवांस्ड इंडस्ट्रियल साइंस एंड टेक्नोलॉजी जैसे वैश्विक ख्याति के अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं।
- भारत के 50 से अधिक प्रमुख संस्थानों की मदद से 1500 प्रकाशनों को प्रकाशित करके एआईआईए ने अनुसंधान के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की है।
- महामारी के दौरान संस्थान के कोविड स्वास्थ्य केंद्र में 100 प्रतिशत रिकवरी दर पाई गई, जिससे संस्थान और इसकी टर्सरी केयर फेसिलिटी की सफलता साफ़ ज़ाहिर है।
- अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान नई दिल्ली ने पुलिस व सुरक्षा बलों को रिकॉर्ड संख्या में 2,40,000 मेडिकल किट प्रदान किए, ये वे जांबाज़ सिपाही थे जिन्होंने आम लोगों की सुरक्षा के लिए अपने कर्तव्यों का पालन करने में अपनी जान जोखिम में डाली।
गोवा स्थित अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान के आगामी सेटेलाईट सेंटर की मुख्य विशेषताएं
- गोवा के परनेम तालुका में 50 एकड़ में फैला गोवा परिसर न केवल कोंकण क्षेत्र मेंटर्सरी केयर फेसिलिटी प्रदान करेगा बल्कि भारत और दुनिया भर से आने वाले पर्यटकों की विशाल संख्या के बीच मेडिकल वैल्यू टूरिज्म को बढ़ावा देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
- एआईआईए गोवा, आने वाले मरीजों को टर्सरी केयर फैसिलिटी प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध होने के साथ ही प्राचीन ज्ञान और आधुनिक तकनीक का सही संतुलनबनाए रखने में तत्पर है
- गोवा परिसर वर्तमान में गोवा विश्वविद्यालय से संबद्ध स्नातक पाठ्यक्रम प्रदान करता है. आने वाले समय में हम यहाँ स्नातकोत्तर और पीएचडी पाठ्यक्रमों को भी लाएंगे। सेटेलाइट सेंटर द्वारा पेश किए जाने वाले यूजी पाठ्यक्रमों में 100 से अधिक छात्रों को प्रवेश दिया जाएगा।
- अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान, नई दिल्ली द्वारा पेश किए गए 12 यूजी पाठ्यक्रमों के अलावा, शरीर रचना, और अगद तंत्र विभागों सहित नए पाठ्यक्रम भी गोवा में एआईआईए सेटेलाईट सेंटर में पेश किए जाएंगे.
- उत्तरी गोवा स्थित पेरनेम तालुका के ग्राम धरगल में स्थित इस अस्पताल में 250 बेड हैं जो ओपीडी, आईपीडी, आईसीयू और आपातकालीन सेवाओं को उपलब्ध कराने के साथ ही मॉड्यूलर ओटी, शैक्षणिक ब्लॉक, छात्रावास, निदेशक का बंगला, आवासीय सुविधा उपलब्ध है। कर्मचारियों के लिए क्वार्टर, सुविधा केंद्र, खेल सुविधाघर, रसोई के साथ साथ भोजन और आहार केंद्र भी यहाँ मौजूद है।
- एआईआईए गोवा रोगियों के समग्र कल्याण के लिए ओपन एरिया लैंडस्केपिंग, खेल का मैदान, फार्मेसी और हर्बल गार्डन के साथ ही पांच पंचकर्म कॉटेज जैसी सहायक सेवाएं भी प्रदान करता है।
- नई दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान के शुभारंभ के पांच साल बाद यह सेटेलाईट सेंटर गोवा में लोकार्पित होने जा रहा है. एआईआईइ दिल्ली पहले ही आयुर्वेद के अध्ययन और उपचार के क्षेत्र में एक बेंचमार्क बन चुका है।
क्या है एआईआईए
- अखिल भारतीय आयुष पीजी प्रवेश परीक्षा (एआईएपीजीईटी) आयोजित करने के लिए नोडल सेंटर
- आयुष दवाओं के लिए यह National Pharmacovigilance Coordination Centre
- स्मार्ट इंडिया हैकथॉन के लिए आयुष मंत्रालय का नोडल केंद्र
- इनक्यूबेशन सेंटर फॉर आयुर्वेद और इनोवेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप (आई–केन)
- आयुष कौशल विकास पाठ्यक्रम में उत्कृष्टता केंद्र
- आयुर्वेद के लिए अंतर्राष्ट्रीय सहयोग प्रकोष्ठ (आईसीसीए)
- क्षेत्रीय कच्ची औषधि भंडार – ट्रांस गंगा मैदान
- नोडल सेंटर फॉर ट्रेनिंग हेल्थ केयर वर्कर्स, आयुष, भारत सरकार
- जर्नल ऑफ़ आयुर्वेद केस रिपोर्ट्स (AyuCaRe) और इंटरनेशनल जर्नल ऑफ़ आयुर्वेद रिसर्च प्रकाशित करता है