21 मार्च – जयंती – उस्ताद बिस्मिलहा खान
****उस्ताद बिस्मिलहा खान****
(जयंती – 21 मार्च 1916)
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| उस्ताद बिस्मिलहा खान |
21 मार्च 1916 को उस्ताद बिस्मिलहा खान का जन्म बिहार के डुमराव में हुआ था। आप हिंदुस्तान के प्रख्यात शहनाई वादक थे। उस्ताद बिस्मिलहा खान के बचपन का नाम कमरुद्दीन था। करीब 70 सालों तक बिस्मिल्लाह साहब ने अपनी शहनाई के साथ संगीत की दुनिया पर राज किया।
उस्ताद बिस्मिलहा खान को शहनाई वादन विरासत में मिला था। पिता पैगंबर बख्श खान और दादा रसूल बख्श भी शहनाई वादक थे। आजादी के दिन लाल किले से हो या फिर पहले गणतंत्र दिवस के मौके पर उन्होंने हर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर शहनाई की तान छेड़ी है। उस्ताद बिस्मिलहा खान को शहनाई का पर्याय भी कहा जाता है।
इनके ही अथक प्रयासों से शहनाई को भारतीय शास्त्रीय संगीत वाद्यों में पहिचान मिली। दूरदर्शन और आकाशवाणी की सिग्नेचर धुन जो सालों से हम सभी को आनंदित करती आ रही उस्ताद बिस्मिलहा खान की शहनाई की ही आवाज है।
बिस्मिलहा खान को साल 1961 में पद्मश्री साल 1968 में पद्म भूषण और 1980 में पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया था।
अमेरिका ने शहनाई की मिठास से अभिभूत होकर उनसे अमेरिका में ही रुकने का आग्रह किया था लेकिन बिस्मिलहा खान ने जवाब दिया जनाब हम तो यहाँ रुक जायेगे लेकिन अमेरिका में गंगा काशी विश्वनाथ कहां से लाओगे।
#BismillahKhan
