26 फरवरी 2023
****आनंदी गोपाल जोशी****
(26 फरवरी 1887 निधन)
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| आनंदी गोपाल जोशी |
वर्तमान समय में दुनियाभर की कई महिलाएं पढ़ाई के बाद अच्छी और उच्च पद की नौकरी कर रही हैं। लेकिन औरतों की आज की स्थिति लाने में कई महिला नायिकाओं की भूमिका प्रमुख रहीं है। जिस समय में औरतों को घर से निकलने भी नहीं दिया जाता था, उस समय मेडिकल की पढ़ाई करके आनंदीबाई गोपालराव जोशी देश की पहली महिला डॉक्टर बनी। आज के दिन 26 फरवरी 1887 को ही के दिन भारत की प्रथम महिला डॉक्टर आनंदी गोपालराव जोशी का निधन हुआ था।
आनंदी बेन जोशी का जन्म पुणे के एक जमींदार परिवार में 31 मार्च 1865 को हुआ था। उनके माता पिता ने आनंदी का नाम यमुना था, लेकिन शादी के बाद सभी उन्हें आनंदी कहने लगे। उस समय भारत में शादी के बाद लड़कियों के सरनेम के साथ नाम भी बदल जाया करता था।आनंदी की शादी मात्र 9 साल की उम्र गोपालराव जिस की उम्र उस समय 25 साल थी से कर दी।
आनंदी बेन के डॉक्टर बनने का सफर
आनंदी बेन मात्र 14 साल की उम्र में ही आनंदी मां बन गईं। लेकिन जन्म के 10 दिन बाद ही बच्चे की मौत हो गई। आनंदी के लिए बच्चे को खोने का दर्द असहनीय था इसलिए उन्हें संकल्प लिए कि वो अब किसी भी बच्चे को बीमारी से नहीं मरने देंगी। उसने डॉक्टर बनने की ठान ली और समाज और खुद के परिवार वालों के विरोध के बावजूद उनके पति गोपालराव ने आनंदी को मिशनरी स्कूल से पढ़ाई कराई।
पति के सहयोग के साथ अमेरिका के पेंसिल्वेनिया के महिला मेडिकल कॉलेज में आनंदी ने दाखिला लिया। दाखले के लिए उसने अपने सारे गहने बेच दिए। इसके इलावा समाज के कुछ लोगों ने भी आनंदी की मदद भी की।
पढ़ाई पूरी होते की आनंदी मात्र 19 साल की उम्र पहली भारतीय महिला डॉक्टर बन गई। भारत लौटने पर आनंदी बाई को कोल्हापुर रियासत के अल्बर्ट एडवर्ड अस्पताल के महिला वार्ड में प्रभारी चिकित्सक पद पर नियुक्त हुईं।
आनंदी गोपाल जोशी का निधन
लेकिन प्रैक्टिस के दौरान ही वह टीबी नामक बीमारी से ग्रस्त हो गईं। और 26 फरवरी 1887 में मात्र 22 साल की उम्र में ही भारत की प्रथम महिला डॉक्टर (प्रथम महिला चिकित्सक) आनंदीबाई (आनंदी गोपाल जोशी) का निधन हो गया।
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